Makar Sakranti Essay in Hindi : मकर सक्रांति पर निबंध

Makar Sakranti Essay in Hindi – सौर पंचाग के आधार पर मनाया जाने वाला पर्व मकर संक्रांति भारत में सभी जगह बड़े ही उल्लास और धूम -धाम से मनाया जाता है। इस दिन सूरज का उतरायण काल आरंभ होता है जिस वजय से दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं। सूरज जब अपनी परिक्रमा में धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है तो इसे मकर संक्रांति कहा जाता है।

Makar Sakranti

Makar Sakranti Essay

मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर लोग अपने घर खिचड़ी बनाते हैं व दाल, चावल, तिल और फ़ल आदि दान करते है और यह भी माना जाता है के इस दिन दान करने से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं। इस दिन उतर भारत के लोग नदियों में स्नान करते हैं और सूर्य को अर्घ्य देते हैं।

हर वर्ष 14 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व पूरे देशभर में अलग अलग रीति रिवाजों से मनाया जाता है। मकर संक्रांति का सीधा सबंध पृथ्वी के भूगोल और सूर्य की स्थिति से है जब सूर्य मकर रेखा पर होता है तो यह पर्व मनाया जाता है।

कर्नाटक में यह त्योहार फसलों की कटाई के उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस दिन लोग एक दुसरे को काजू , बादाम , भुने तिल और नारियल आदि भेंट करते हैं ता जो उनके बीच आपसी भाईचारा बना रहे।

राजस्थान में इस दिन महिलाएं अपनी सास को बायला देकर उनका आशीर्वाद लेती हैं। गुजरात में यह पर्व शुभ दिन के रूप में बनाया जाता है जिस कारण यहां नीला आकाश रंग बिरंगी पतंगों से भर जाता है।

महाराष्ट्र में महिलाएं अपनी शादी की प्रथम संक्रांति पर तेल , कपास व नमक आदि दूसरी सुहागन महिलाओं को दान में देती हैं। इस दिन लोग एक दुसरे को गुड़ और तिल आदि देकर बोलते हैं ‘तिल गुड़ ध्या आणि गोड गोड बोला’अर्थात गुड़ और तिल लो और मीठा मीठा बोलो।

तमिलनाडु में यह पर्व तीन दिनों तक चलता रहता है, इसका पहला दिन भोगी मंगल के रूप में मनाया जाता है , दूसरे दिन गुड़ , चावल तथा दूध से ‘मंगल’ नामक पकवान तैयार कर सूर्य के नाम उत्सर्जित किया जाता है। तीसरे दिन मट्ठमंगल के रूप में मनाया जाता है, जो गाय , भैंसों और बैलों को फूलों की माला पहनाकर उनकी पूजा की जाती है।

असम में इस दिन को ‘माघ बिहू’ या फिर ‘भोगली बिहू’ के नाम से भी जाना जाता है। इसके इलावा मकर संक्रांति के दिन कई जगह मेले भी लगते हैं यहां लोग घूमने के लिए जाते हैं।

पंजाब में इस त्योहार को लोहड़ी के रूप में मनाया जाता है इस दिन लोग अपने अपने घरों में स्वादिष्ट पकवान बनाते हैं,  लोग शाम के समय आग के अलाव के चारों और बैठकर मूंगफली , रेवड़ी , गचक आदि खाते हैं और भंगड़ा आदि करते हैं।

लोहड़ी पर निबंध

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